dhoop men jaise kuhaasa ik tasavvur aap ka | धूप में जैसे कुहासा इक तसव्वुर आप का

  - Dinesh Kumar Drouna
धूपमेंजैसेकुहासाइकतसव्वुरआपका
हैहसींझोंकाहवाकाइकतसव्वुरआपका
ज़ेहनमेंकरकहींसेगुदगुदानेलगगया
देखकरमुझकोरूवाँसाइकतसव्वुरआपका
सीढ़ियाँकितनीभीचढ़लूँभूलजानेकीभले
साँपहैनिनानवेकाइकतसव्वुरआपका
येनहींहोतोख़लिशहैऔरहोतोभीख़लिश
दर्दहैलेकिनदवासाइकतसव्वुरआपका
रात-दिनपीछेलगरहताहैसायासामिरे
बे-तहाशाबद-हवासेाइकतसव्वुरआपका
गोहक़ीक़तख़्वाहिशोंपरमुँहचिढ़ातीहैमगर
हैहक़ीक़तपरतमाचाइकतसव्वुरआपका
  - Dinesh Kumar Drouna
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