chand lamhaat men sadiyon ka mazaa le aaya | चंद लम्हात में सदियों का मज़ा ले आया

  - Dinesh Kumar Drouna
चंदलम्हातमेंसदियोंकामज़ालेआया
याकहूँबैठे-बिठाएहीबलालेआया
ख़ुदकोउलझाकेज़मानेकेमसाइलमेंइधर
मैंतिरीयादसेअपनेकोबचालेआया
आगसेआगतोलोहेसेकटेगालोहा
लोनयाज़ख़्मपुरानेकीदवालेआया
एकतक़्सीरकिमैंजिसकीमुआ'फ़ीकेलिए
हरदफ़ाएकनईऔरसज़ालेआया
सुर्ख़आँखेंलिएवोअपनीउधरलौटगया
मैंइधरअपनारुवाँसासागलालेआया
तुझकोपाकरभीनदामतमेंमरेजाताहूँ
किकिसीऔरकेहिस्सेकीवफ़ालेआया
  - Dinesh Kumar Drouna
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