ek barsaat men maidaan samundar hogaa | एक बरसात में मैदान समुंदर होगा

  - Dinesh Kumar Drouna
एकबरसातमेंमैदानसमुंदरहोगा
दर्दसोचानहींथासोचसेबढ़करहोगा
वोजोआएगामिरेपासमसीहाबनकर
उसकेहाथोंमेंमिरेनामकाख़ंजरहोगा
तेज़चलनेसेहैमक़्सूदरवानीसुनलो
थककेजोबैठगयामीलकापत्थरहोगा
लाखलेतेरहोहाथोंकीतलाशीमेरे
जोभीअंदरहैमिरेज़ेहनकेअंदरहोगा
सुर्ख़आँखोंकाकहाँरंगहुआकरताहै
ख़ूनमेंलिपटेहुएख़्वाबकामंज़रहोगा
जोगिरादेगामुझेताशकेपत्तोंकीतरह
मेरीता'मीरमेंतुझसाकोईपत्थरहोगा
  - Dinesh Kumar Drouna
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