kuchh raha gham ki vo saara na gaya | कुछ रहा ग़म कि वो सारा न गया

  - Dinakshi Sahar
कुछरहाग़मकिवोसारागया
तुमगएज़िक्रतुम्हारागया
नामतस्बीहपढ़ीथीजिसकी
वक़्तआनेपेपुकारागया
राएगाँथींकिनहींक्यामालूम
कुछउमीदोंकासहारागया
बोझख़्वाबोंकालिएफिरतेथे
क़ब्रमेंभीवोउतारागया
मंज़िलेंछूटगईंमिलमिलके
बसभटकनाहीहमारागया
  - Dinakshi Sahar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy