kahii nahin hain aahaten na teraa intizaar hai | कहीं नहीं हैं आहटें न तेरा इंतिज़ार है

  - Dinakshi Sahar
कहींनहींहैंआहटेंतेराइंतिज़ारहै
मगरवहींहैइकख़लिशजोदिलमेंबरक़रारहै
तोहमतेंबुग़्ज़हैहीगिलाभीहैकोई
मगरसवाललाखहैंबहुतहीइंतिशारहै
मिलसकेक़रीबसेहीजुदाहुएकभी
हरएकचीज़ना-तमामग़महैयाख़ुमारहै
दु'आनहींक़ुबूलकीतोरहमतेंनवाज़िशें
अभीपुरानीने'मतोंसेक़ल्बतारतारहै
मिलाभीऔरमिलानहींतूएकख़्वाबसामिला
छूसकीकहसकीजोहालआश्कारहै
नशानहींजुनूँनहींहीकोईफ़ुतूरहै
मगरमैंइसकोक्याकहूँकिसरपेजोसवारहै
हैशामकावहीपहरवहीजगहवहीडगर
बग़ैरएकशख़्सकेकोईअलगदयारहै
  - Dinakshi Sahar
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