dil ye KHaamosh tha ham zabaan mil ga.e | दिल ये ख़ामोश था हम ज़बाँ मिल गए

  - Dinakshi Sahar
दिलयेख़ामोशथाहमज़बाँमिलगए
सबकहाँसेचलेथेकहाँमिलगए
जोइताअ'त-पज़ीरीहुईज़ाबता
फूलसहराकेभीदरमियाँमिलगए
नक़्सग़ैरोंकेजिनकीमज़म्मतथीकी
वोतोमेरेहीअंदरनिहाँमिलगए
सरझुकायाहीथाइंकिसारीमेंजो
मुझकोक़दमोंकेतेरेनिशाँमिलगए
इकबशरमिलाजोचलेसाथमें
फिरजोमिलनेलगेकारवाँमिलगए
प्यासऐसीकिप्यासीकीप्यासीरही
इसज़मींकोबहुतआसमाँमिलगए
सबअयाँहोगयाजोकहाभीथा
मुझकोऐसेभीकुछराज़-दाँमिलगए
रू-ब-रूजबवोबिछड़ेतोग़मगीनथे
ख़्वाबमेंजोमिलेशादमाँमिलगए
आतिश-ए-हिज्रमेंदिलसुलगतारहा
रुख़पेकितनेहीदरियारवाँमिलगए
  - Dinakshi Sahar
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