lamha lamha wus'at-e-kaun-o-makaan ki sair ki | लम्हा लम्हा वुसअत-ए-कौन-ओ-मकाँ की सैर की

  - Dilawar Ali Aazar
लम्हालम्हावुसअत-ए-कौन-ओ-मकाँकीसैरकी
गयासोख़ूबमैंनेख़ाक-दाँकीसैरकी
एकलम्हेकेलिएतन्हानहींहोनेदिया
ख़ुदकोअपनेसाथरक्खाजिसजहाँकीसैरकी
तुझसेमिलकरआजअंदाज़ाहुआहैज़िंदगी
पहलेजितनीकीवोगोयाराएगाँकीसैरकी
नींदसेजागेहैंकोईख़्वाबभीदेखाहैक्या
देखाहैतोबोलिएशब-भरकहाँकीसैरकी
थकगयाथामैंबदनमेंरहतेरहतेएकदिन
भागनिकलाऔरजाकरआसमाँकीसैरकी
यादहैइकएकगोशानक़्शहैदिलपरहनूज़
सैरतोवोहैजोशहर-ए-दिल-बराँकीसैरकी
फूलहैरतसेहमेंदेखाकिएवक़्त-ए-विसाल
गुल-बदनकेसाथ'आज़र'गुलिस्ताँकीसैरकी
  - Dilawar Ali Aazar
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