aazar raha hai tesha mire khaandaan men | आज़र' रहा है तेशा मिरे ख़ानदान में

  - Dilawar Ali Aazar
आज़र'रहाहैतेशामिरेख़ानदानमें
पैकरदिखाईदेतेहैंमुझकोचटानमें
सबअपनेअपनेताक़मेंथर्राकेरहगए
कुछतोकहाहवानेचराग़ोंकेकानमें
मैंअपनीजुस्तुजूमेंयहाँतकपहुँचगया
अबआइनाहीरहगयाहैदरमियानमें
मंज़रभटकरहेथेदर-ओ-बामकेक़रीब
मैंसोरहाथाख़्वाबकेपिछलेमकानमें
लज़्ज़तमिलीहैमुझकोअज़िय्यतमेंइसलिए
एहसासखींचनाथाबदनकीकमानमें
निकलीनहींहैदिलसेमिरेबद-दुआ'कभी
रक्खेख़ुदाअदूकोभीअपनीअमानमें
'आज़र'उसीकोलोगकहतेहोंआफ़्ताब
इकदाग़साचमकताहैजोआसमानमें
  - Dilawar Ali Aazar
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