aankh men KHvaab zamaane se alag rakha hai | आँख में ख़्वाब ज़माने से अलग रक्खा है

  - Dilawar Ali Aazar
आँखमेंख़्वाबज़मानेसेअलगरक्खाहै
अक्सकोआइना-ख़ानेसेअलगरक्खाहै
घरमेंगुल-दानसजाएहैंतिरीआमदपर
औरइकफूलबहानेसेअलगरक्खाहै
कुछहवामेंभीचलानेकेलिएरक्खाजाए
इसलिएतीरनिशानेसेअलगरक्खाहै
उसकेहोंटोंकोनहींआँखकोदीहैतरजीह
प्यासकोप्यासबुझानेसेअलगरक्खाहै
ग़ैर-मुमकिनहैकिसीऔरकेहाथजाए
वोख़ज़ानाजोख़ज़ानेसेअलगरक्खाहै
इकहवासीकहींबाँधीहैछुपानेकेलिए
इकतमाशासालगानेसेअलगरक्खाहै
ख़्वाबहीख़्वाबमेंता'मीरकियाहै'आज़र'
घरकोबुनियादउठानेसेअलगरक्खाहै
  - Dilawar Ali Aazar
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