ajeeb rang ajab haal men pade hue hain | अजीब रंग अजब हाल में पड़े हुए हैं

  - Dilawar Ali Aazar
अजीबरंगअजबहालमेंपड़ेहुएहैं
हमअपनेअहदकीपातालमेंपड़ेहुएहैं
सुख़न-सराईकोईसहलकामथोड़ीहै
येलोगकिसलिएजंजालमेंपड़ेहुएहैं
उठाकेहाथपेदुनियाकोदेखसकताहूँ
सभीनज़ारेबसइकथालमेंपड़ेहुएहैं
जहाँभीचाहूँमैंमंज़रउठाकेलेजाऊँ
किख़्वाबदीदा-ए-अमवालमेंपड़ेहुएहैं
मैंशामहोतेहीगर्दूंपेडालआताहूँ
सितारेलिपटीहुईशालमेंपड़ेहुएहैं
वोतूकिअपनेतईंकरचुकाहमेंतकमील
येहमकिफ़िक्र-ए-ख़द-ओ-ख़ालमेंपड़ेहुएहैं
इसीलिएयेवतनछोड़करनहींजाते
किहमतसव्वुर-ए-'इक़बाल'मेंपड़ेहुएहैं
सवाबहीतोनहींजिनकाफलमिलेगामुझे
गुनाहभीमिरेआ'मालमेंपड़ेहुएहैं
तमामअक्समिरीदस्तरसमेंहैं'आज़र'
येआइनेमिरीतिमसालमेंपड़ेहुएहैं
  - Dilawar Ali Aazar
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