banaa raha tha koi aab o KHaak se kuchh aur | बना रहा था कोई आब ओ ख़ाक से कुछ और

  - Dilawar Ali Aazar
बनारहाथाकोईआबख़ाकसेकुछऔर
उठालियाफिरअचानकहीचाकसेकुछऔर
जलाकेबैठगयामैंवोआख़िरीतस्वीर
तोनक़्शउभरनेलगेउसकीराखसेकुछऔर
बसअपनेआपसेकुछदेरहम-कलामरहो
नहींहैफ़ाएदाहिज्रफ़िराक़सेकुछऔर
हमारीफ़ालहमारेहीहाथसेनिकली
बनाहैज़ाइचापरइत्तिफ़ाक़सेकुछऔर
वहीसितारा-नुमाइकचराग़है'आज़र'
मिराख़यालथानिकलेगाताक़सेकुछऔर
  - Dilawar Ali Aazar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy