kya kahiye daastaan-e-tamanna badal gaii | क्या कहिए दास्तान-ए-तमन्ना बदल गई

  - Dil Shahjahanpuri
क्याकहिएदास्तान-ए-तमन्नाबदलगई
उनकीबदलतेहीदुनियाबदलगई
येदौर-ए-इंक़िलाबहैख़ुद-नोशियोंकादौर
हरमय-कदेमेंगर्दिश-ए-मीनाबदलगई
हरफूलहरकलीपेबरसताहैअबलहू
रंगीनी-ए-बहार-ए-चमनक्याबदलगई
निखरीहुईबहारमेंछालेहैंख़ूँ-चकाँ
अपनेक़दमसेक़िस्मत-ए-सहराबदलगई
पैहमटपकपड़ेजोब-हसरतहुज़ूर-ए-दोस्त
इनआँसुओंसेशरह-ए-तमन्नाबदलगई
आज़ादी-ए-जुनूँकायहीक्यामआलथा
ज़िंदाँसेदिल-फ़रेबी-ए-सहराबदलगई
वोख़्वाब-ए-ज़िंदगीथाजोहमदेखतेरहे
'दिल'खुलीजबआँखतोदुनियाबदलगई
  - Dil Shahjahanpuri
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