मायूस-ए-अज़लहूँयेमानानाकाम-ए-तमन्नारहनाहै
जातेहोकहाँरुख़फेरकेतुममुझकोतोअभीकुछकहनाहै
खींचेंगेवहाँफिरसर्दआहेंआँखोंसेलहूफिरबहनाहै
अफ़्सानाकहाथाजोहमनेदोहराकेवहींतककहनाहै
दुश्वारबहुतयेमंज़िलथीमरमिटकेतह-ए-तुर्बतपहुँचे
हरक़ैदसेहमआज़ादहुएदुनियासेअलगअबरहनाहै
रखताहैक़दमइसकूचामेंज़र्रेहैंक़यामत-ज़ाजिसके
अंजाम-ए-वफ़ाहैनज़रोंमेंआग़ाज़हीसेदुखसहनाहै
ऐपैक-ए-अजलतेरेहाथोंआज़ाद-ए-तअ'ल्लुक़रूहहुई
ता-हश्रबदलसकताहीनहींहमनेवोलिबासअबपहनाहै
ऐगिर्या-ए-ख़ूँतासीरदिखाऐजोश-ए-फ़ुग़ाँकुछहिम्मतकर
रंगींहोकिसीकादामनभीअश्कोंकायहाँतकबहनाहै
अपनाहीसवालऐ'दिल'हैजवाबइसबज़्ममेंआख़िरक्याकहिए
कहनाहैवहीजोसुननाहैसुननाहैवहीजोकहनाहै