ab koi gham-gusaar hamaara nahin raha | अब कोई ग़म-गुसार हमारा नहीं रहा

  - Dil Shahjahanpuri
अबकोईग़म-गुसारहमारानहींरहा
दुनियाकोए'तिबारहमारानहींरहा
इसफ़र्त-ए-ग़ममेंख़ूनकेआँसूटपकपड़े
अबदिलभीराज़दारहमारानहींरहा
उसकीहुज़ूरपीर-ए-मुग़ाँमेंहैमंज़िलत
जोअहद-ए-पाएदारहमारानहींरहा
हरदाग़उभरकेज़ख़्मबनाज़ख़्मरश्क-ए-गुल
दिलमाइल-ए-बहारहमारानहींरहा
येहैमआल-ए-सोहबत-ए-ज़ाहिदजनाब-ए-दिल
रिंदोंमेंअबशुमारहमारानहींरहा
  - Dil Shahjahanpuri
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