har saans hai sharh-e-naakaami phir ishq ko rusva kaun kare | हर साँस है शरह-ए-नाकामी फिर इश्क़ को रुस्वा कौन करे

  - Dil Shahjahanpuri
हरसाँसहैशरह-ए-नाकामीफिरइश्क़कोरुस्वाकौनकरे
तकमील-ए-वफ़ाहैमिटजानाजीनेकीतमन्नाकौनकरे
जोग़ाफ़िलथेहुशियारहुएजोसोतेथेबेदारहुए
जिसक़ौमकीफ़ितरतमुर्दाहोउसक़ौमकोज़िंदाकौनकरे
हरसुब्हकटीहरशामकटीबेदादसहीउफ़्तादसही
अंजाम-ए-मोहब्बतजबयेहैइसजिंसकासौदाकौनकरे
हैराँहैंनिगाहेंदिलबे-ख़ुदमहजूबहैहुस्न-ए-बे-परवा
अबअर्ज़-ए-तमन्नाकिससेहोअबअर्ज़-ए-तमन्नाकौनकरे
फ़ितरतहैअज़लसेपाबंदीकुछक़द्रनहींआज़ादीकी
नज़रोंमेंहैंदिलकशज़ंजीरेंरुख़जानिब-ए-सहराकौनकरे
  - Dil Shahjahanpuri
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy