phool patton ka silsila hogaa | फूल पत्तों का सिलसिला होगा

  - Deepak Qamar
फूलपत्तोंकासिलसिलाहोगा
घरहमाराहरा-भराहोगा
जानेवरहैकिशाबहैकोई
सबमेंरहकेभीवोजुदाहोगा
बोझलगताहैदिलपेपर्बतसा
देखकरभीवोचुपरहाहोगा
अबइरादोंकीबागकोखोलें
क़ाफ़िलातोगुज़रगयाहोगा
चाँदसूरजकोछोड़करइकदिन
अपनेहाथोंमेंइकदियाहोगा
जोलगाएगासोचपरबंधन
बातबे-बातभीख़फ़ाहोगा
तेरीखिड़कीमेंजोचहकताहै
वोपखेरूकभीहवाहोगा
  - Deepak Qamar
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