सलोनीशामकेआँगनमेंजबदोवक़्तमिलतेहैं
भटकतेहमसेउनसायोंमेंकुछआधेअधूरेहैं
समुंदरहैहमारेसामनेमग़रूर-ओ-ख़ुद-सरसा
हमेंइकपुलबनाकरफ़ासलेसबपारकरनेहैं
अँधेरोंसेउजालोंतकउजालोंसेअँधेरोंतक
सदागर्दिशहीगर्दिशहैकहाँजानेवोपहुँचेहैं
ज़मींकेफूलसोनेऔरचाँदीसेनहींखिलते
किसीमेहनतकीख़ुशबूसेसभीआँचलमहकतेहैं
वहीहैंसाँपविषकन्याकोडसकरपालनेवाले
मिरीनगरीकोरहरहकरवोअबभीज़हरदेतेहैं
हरइकएहसासकीपहचानख़त्त-ओ-ख़ालखोबैठी
वोअपनेआपमेंडूबेहुएगुम-सुमसेरहतेहैं