सुनरहेहैंकोईतारासैरकरताआएगा
जानेक्यापैग़ामधरतीकेलिएवोलाएगा
फूलइकदिनख़्वाहिशोंकाधूपमेंकुम्हलाएगा
पत्तियाँबिखरेंगीउसकीबीजहीरहजाएगा
बाँटकरआएगासबकुछशहरकेबाज़ारमें
हरमहीनेख़ालीजेबेंघरकोवोदिखलाएगा
तूहवाओंसागुज़रदामनबचाकरराहसे
फूलकातोकामहैहँसहँसकेवोबहकाएगा
टुकड़ेटुकड़ेहोंगेसूरजऔरसितारेहरतरफ़
करकेतांडौशोसभीब्रह्मांडकोबिखराएगा
उसकेग़ुस्सेसेबगूलेउठरहेंहैंधूपमें
गर्मदिलसहराजोबोलाआगहीबरसाएगा
एकहीचुभतासाकाँटाउनकीपरतोंमेंनहीं
फूलसीबातेंहैंउसकीसबकोहीमहकाएगा