na laazim tavakko hai ahl-e-mahal se | न लाज़िम तवक़्क़ो है अहल-ए-महल से

  - Deepak Purohit
लाज़िमतवक़्क़ोहैअहल-ए-महलसे
करोज़ीस्तशादाबइल्म-ओ-अमलसे
हिजाब-ओ-हयासोचतेरहगएहैं
मिलीइश्क़मेंकामयाबीपहलसे
यूँँनाकामियाँहम-सफ़रहैंमुसलसल
किलेदेकेउम्मीदहैअबअजलसे
हयात-ओ-फ़नाकायेक्यासिलसिलाहै
नहींराज़अफ़्शाँहुआयेअज़लसे
यतीमी-ओ-ला-वारसीबेवगीके
ब-जुज़कुछहासिलहैजंग-ओ-जदलसे
  - Deepak Purohit
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