parda-daar hasti thii zaat ke samundar men | पर्दा-दार हस्ती थी ज़ात के समुंदर में

  - Dattatriya Kaifi
पर्दा-दारहस्तीथीज़ातकेसमुंदरमें
हुस्नख़ूबखुलखेलाइससिफ़तकेमंज़रमें
हुस्नइश्क़मेंहैयाइश्क़हुस्नमेंमुज़्मर
जौहरआइनेमेंयाआईनाहैजौहरमें
इश्क़-ए-महशर-आराकीतूरपरगिरीबिजली
हुस्न-ए-लन-तरानीकिरहसकाचादरमें
देखतमाशाईगुलहैरंग-ओ-बूबिल्कुल
इम्तियाज़ना-मुम्किनहैअर्ज़सेजौहरमें
गुलमेंऔरबुलबुलमेंकौनजानेक्यागुज़री
चश्म-पोशमस्तीथीइसबरहनामंज़रमें
उपचीबनातेहैंहुस्नकोसुख़नगोक्यूँँ
काटइनअदाओंकाकबहैतेग़-ओ-ख़ंजरमें
फ़र्त-ए-सोज़-ए-उल्फ़तमेंदेखकरसकूँदिलका
बिजलियाँमचलतीहैंबादलोंकेमहशरमें
चारा-गरकोहैरतहैअरतक़ाए-वहशतसे
पाँवमेंजोचक्करथारहाहैवोसरमें
हसरतआरमानकीहोकहनासेगुंजाइश
हैवहीमिरेदिलमेंहैवहीमिरेसरमें
होंवोरिंदयासूफ़ीमस्तउसकीधुनमेंहैं
जानेकितनेमय-ख़ानेभरदिएहैंकौसरमें
चर्ख़क्याउतरआयाआजफ़र्श-ए-गीतीपर
रिंदभीहैंचक्करमेंमय-कदाभीचक्करमें
मयवोहोशपरअफ़्गनऔरनज़रवोसहबा-पाश
मस्तक्यूँँहो'कैफ़ी'एकदोहीसाग़रमें
  - Dattatriya Kaifi
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