qismat bure kisi ke na is tarah l | क़िस्मत बुरे किसी के न इस तरह लाए दिन

  - Dattatriya Kaifi
क़िस्मतबुरेकिसीकेइसतरहलाएदिन
आफ़तनईहैरोज़मुसीबतहैआएदिन
दिनसनयेऔरदिनदिएअल्लाहकीपनाह
उसमाहनेतोख़ूबहीहमसेगिनाएदिन
हैदम-शुमारीदिनकोतोअख़्तर-शुमारीशब
इसतरहतोख़ुदाकिसीकेकटाएदिन
उनकीनज़रफिरीहोतोक्याअपनेदिनफिरें
अब्र-ए-सियहघिराहोतोक्यामुँहदिखाएदिन
जीजानताहैक्यूँँकियेकटतेहैंरोज़शब
दुश्मनकोभीख़ुदाकभीयेदिखाएदिन
क्यालुत्फ़-ए-ज़ीस्तभरतेहैंदिनज़िंदगीकेहम
'कैफ़ी'बुरेकिसीकेतक़दीरलाएदिन
  - Dattatriya Kaifi
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