main ne un se jo kaha dhyaan mira kuchh bhi nahin | मैं ने उन से जो कहा ध्यान मिरा कुछ भी नहीं

  - Dattatriya Kaifi
मैंनेउनसेजोकहाध्यानमिराकुछभीनहीं
हाएकिसनाज़सेहँसहँसकेकहाकुछभीनहीं
अर्ज़कीकुछदिल-ए-आशिक़कीख़बरहैतोकहा
हाँनहींकुछनहींबसकहतोदियाकुछभीनहीं
तूआयाशब-ए-वा'दातोगयाक्यातेरा
मरमिटेहमतिरेनज़दीकहुआकुछभीनहीं
क्याहैअंजाम-ए-मोहब्बतकोईपूछेहमसे
जीते-जीख़ाकमेंमिलनेकेसिवाकुछभीनहीं
किसकीमेहरऔरवफ़ाअबहैजफ़ासेभीगुरेज़
क्यूँँजलकरकहेंउल्फ़तमेंमज़ाकुछभीनहीं
आँखोंहीआँखोंमेंदिललेगयासीनेसेनिकाल
हाथसेहमनेदियाउसनेलियाकुछभीनहीं
मिरेअल्लाहयेपत्थरकिबुतोंकादिलहै
रहमरुस्वाईकाडरख़ौफ़-ए-ख़ुदाकुछभीनहीं
कौनसादर्दहैजिसकानहींदुनियामेंइलाज
लेकिनइसदर्द-ए-मोहब्बतकीदवाकुछभीनहीं
देखा'कैफ़ी'कोतोबे-साख़्तायूँँबोलउठे
अबतोबीमार-ए-मोहब्बतमेंरहाकुछभीनहीं
  - Dattatriya Kaifi
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