vo zam | वो ज़माना नज़र नहीं आता

  - Dagh Dehlvi
वोज़मानानज़रनहींआता
कुछठिकानानज़रनहींआता
जानजातीदिखाईदेतीहै
उनकाआनानज़रनहींआता
इश्क़दर-पर्दाफूँकताहैआग
येजलानानज़रनहींआता
इकज़मानामिरीनज़रमेंरहा
इकज़मानानज़रनहींआता
दिलनेइसबज़्ममेंबिठातोदिया
उठकेजानानज़रनहींआता
रहिएमुश्ताक़-ए-जल्वा-ए-दीदार
हमनेमानानज़रनहींआता
लेचलोमुझकोराह-रवान-ए-अदम
याँठिकानानज़रनहींआता
दिलपेबैठाकहाँसेतीर-ए-निगाह
येनिशानानज़रनहींआता
तुममिलाओगेख़ाकमेंहमको
दिलमिलानानज़रनहींआता
आपहीदेखतेहैंहमकोतो
दिलकाआनानज़रनहींआता
दिल-ए-पुर-आरज़ूलुटा'दाग़'
वोख़ज़ानानज़रनहींआता
  - Dagh Dehlvi
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