mohabbat ki gali se ham jahaan ho kar nikal aa.e | मोहब्बत की गली से हम जहाँ हो कर निकल आए

  - Chitransh Khare
मोहब्बतकीगलीसेहमजहाँहोकरनिकलआए
ग़ज़लकहनेकेतबसेख़ुद-ब-ख़ुदमंज़रनिकलआए
हमारेहालपरकोईभीहोताजीनहींपाता
ग़ज़लनेहाथजबपकड़ातोहमबचकरनिकलआए
येसरकारीमहलभीकिसक़दरकच्चेनिकलतेहै
ज़राबारिशहुईबुनियादकेपत्थरनिकलआए
सिफ़ारिशकेबिनाजबभीचलेहमहसरतेंलेकर
हुईजबशामतोमायूसअपनेघरनिकलआए
ज़रासीदेरहमनेनर्मलहजाक्याकियाअपना
हमारेदुश्मनोंकेकैसेकैसेपरनिकलआए
  - Chitransh Khare
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