काएनात-ए-आरज़ूमेंहमबसरकरनेलगे
सबबहुतनफ़रतसेक्यूँँहमपरनज़रकरनेलगे
तेरेहरलम्हेकाहमनेआजतकरक्खाहिसाब
येअलगहैबातख़ुदकोबे-ख़बरकरनेलगे
ज़िंदगीकोअलविदा'अकहकरचलाजाऊँगामैं
जबमिरीतन्हाईमुझकोदर-ब-दरकरनेलगे
मुल्ककीबर्बादियाँउसवक़्ततयहोजाएँगी
जबबुरीतहज़ीबबच्चोंपरअसरकरनेलगे
या-ख़ुदाराह-ए-वफ़ापररहबरीकरनामेरी
जबमुझेगुमराहमेराहम-सफ़रकरनेलगे
छोड़करउसवक़्तओहदेख़ुदचलाजाऊँगामैं
शकजहाँकोईमिरेईमानपरकरनेलगे
इश्क़केउसमोड़कोसबलोगकहतेहैंजुनूँ
दिलकिसीकोयादजबशाम-ओ-सहरकरनेलगे