thak jaata hooñ roz ke aane jaane men | थक जाता हूँ रोज़ के आने जाने में

  - Charagh Sharma
थकजाताहूँरोज़केआनेजानेमें
मेराबिस्तरलगवादोमयख़ानेमें
उसकेहाथमेंफूलहैमतकहिएकहिए
उसकाहाथहैफूलकोफूलबनानेमें
मैंकबसेमौक़ेकीताक़मेंहूँउसको
जान-ए-मनकहदूँजानेअनजानेमें
आँखोंमेंमतरोकमुझेजानाहैउधर
येरस्ताखुलताहैजिसतह-ख़ानेमें
लादउसकेहुस्नकाइतनाबोझ'चराग़'
जाएगीमोचग़ज़लकेशानेमें
  - Charagh Sharma
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