vo shaant baitha hai kabse main shor kyun na karoon | वो शांत बैठा है कब से मैं शोर क्यूँँ न करूँँ

  - Charagh Sharma
वोशांतबैठाहैकबसेमैंशोरक्यूँँकरूँँ
बसएकबारवोकहदेकिचुपतोचूँकरूँँ
ख़ताएँइसलिएकरताहूँमैंकिजानताहूँ
सज़ामुझेहीमिलेगीख़ताकरूँँकरूँँ
दुखीहूँमैंकिहमेंएकदिनबिछड़नाहै
बिछड़नाहैतोरियाज़तअभीसेक्यूँँकरूँँ
जोइश्क़करताहैआख़िरमेंअहदकरताहै
किअबमैंइश्क़औरोंकोकरनेदूँकरूँँ
मेरे'चराग़'-ए-अनाकोहैअबलहूदरकार
तोक्याकरूँँमैंअगरख़्वाहिशोंकाख़ूँकरूँँ
  - Charagh Sharma
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy