dil se ik aag ki deewaar ubharti jaa.e | दिल से इक आग की दीवार उभरती जाए

  - Chandra Parkash Shad
दिलसेइकआगकीदीवारउभरतीजाए
ज़ीनाज़ीनाशब-ए-तन्हाईउतरतीजाए
तुमसेमिलनेकाजोबरसोंमेंकभीआएख़याल
हरतरफ़फ़ासलोंकीरेतबिखरतीजाए
वक़्तकीचालकोहमरोकेरहेंकमरेमें
औरइधररातअंधाधुँदगुज़रतीजाए
तपतासहराहैहरइकशहरऔरउम्मीद-ए-सुकूँ
एकबदलीहैजोऊपरसेगुज़रतीजाए
मैंतोऔक़ातकेफैलाओमेंबढ़ताजाऊँ
औरजोइकशयमिरेअंदरहैवोमरतीजाए
जानेक्याभूतछुपेबैठेहैंइसआँगनमें
रातजाएतोवहाँकाँपतीडरतीजाए
वोनज़रफूलखिलातीचलेपहलूपहलू
बनकेकाँटासादिलोंमेंभीउतरतीजाए
  - Chandra Parkash Shad
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