gardish men hai zameen bhi kya aasmaañ ke saath | गर्दिश में है ज़मीन भी क्या आसमाँ के साथ

  - Baldev Raaj
गर्दिशमेंहैज़मीनभीक्याआसमाँकेसाथ
दुनियाबदलगईनिगह-ए-मेहरबाँकेसाथ
दोहरानाअंजुमनमेंसमझसोचकेउसे
तेरीभीदास्ताँहैमिरीदास्ताँकेसाथ
अबमैंहूँऔरकुंज-ए-क़फ़सकीमुसीबतें
वोआशियाँकीबातगईआशियाँकेसाथ
बेताबियोंसेरब्तथाबेचैनियोंसेकाम
गुज़रेहैंऐसेदिनभीउसआराम-जाँकेसाथ
रोज़-ए-अज़लवहीतोफ़क़तमुस्तहिक़था
कुछगर्दिशेंहमेंभीमिलींआसमाँकेसाथ
ग़मकोतिरेभुलासकादो-जहाँकाग़म
तेराभीग़मरहाहैग़म-ए-दो-जहाँकेसाथ
उम्मीदहीनहींतोगुज़रजाएगीयूँँही
इकमेहरबाँकेसाथकिना-मेहरबाँकेसाथ
येसोज़-ओ-साज़-ए-इश्क़ग़म-ए-जावेदाँसही
देउम्र-ए-जावेदाँभीग़म-ए-जावेदाँकेसाथ
मंज़िलकाक्यायक़ींहोबताएकोईमुझे
जबरहगुज़ारभीहैरवाँकारवाँकेसाथ
  - Baldev Raaj
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