bahut pachtayoge tum dard-mandon se KHafaa ho kar | बहुत पछताओगे तुम दर्द-मंदों से ख़फ़ा हो कर

  - Baldev Raaj
बहुतपछताओगेतुमदर्द-मंदोंसेख़फ़ाहोकर
किगुलमुरझाकेरहजाताहैख़ारोंसेजुदाहोकर
कहाँजानाथामुझकोऔरकहाँलाकरकियारुस्वा
निगाह-ए-शौक़नेधोकादियाहैरहनुमाहोकर
सितमकीजेजफ़ाकीजेमगरइंसाफ़सेकहिए
येनाराज़ीभलाज़ेबाहैबंदेसेख़ुदाहोकर
बहारेंजारहीथींजबख़िज़ाँकेसाथगुलशनसे
गुलोंकीआँखमेंभरआएआँसूइल्तिजाहोकर
ज़मानागरक़यामतभीउठाताहैउठानेदो
मगरउठकरजाओमेरेपहलूसेख़फ़ाहोकर
ख़याल-ए-दोस्तख़िज़्र-ए-राहहैदश्त-ए-मोहब्बतमें
जुनूँहमराहलेजातारहाहैरहनुमाहोकर
ख़ुदारारहमकरपैमान-ए-उल्फ़तबाँधनेवाले
कहाँजाऊँगामैंआख़िरतिरेग़मसेरिहाहोकर
बनजाएतुम्हारीज़िंदगीकाआसराकोई
इतराओकिसीकीज़िंदगीकाआसराहोकर
मुझेतूफ़ानलेजाताजहाँमेरामुक़द्दरथा
डुबोयाहैमिरीकश्तीकोतुमनेनाख़ुदाहोकर
हमारीदेखा-देखीतुमवफ़ाओंपरजाना
ज़मानेसेहमेंक्यामिलरहाहैबा-वफ़ाहोकर
बयाँक्याहाल-ए-दिलहोजबमोहब्बतकायेआलमहै
शिकायतभीमिरेहोंटोंपेआतीहैदु'आहोकर
अजबदस्तूरहै'राज'दुनिया-ए-मोहब्बतका
जफ़ाएँसामनेआईंवफ़ाओंकीसज़ाहोकर
  - Baldev Raaj
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