ab mirii nigaahon men auj hai na pasti hai | अब मिरी निगाहों में औज है न पस्ती है

  - Baldev Raaj
अबमिरीनिगाहोंमेंऔजहैपस्तीहै
एकसैल-ए-मद-होशीइकहुजूम-ए-मस्तीहै
निगाह-ए-ना-महरमइश्क़कीवोबस्तीहै
जिसक़दरउजड़तीहैउसक़दरहीबस्तीहै
आशिक़ी-ओ-महबूबीआइनेकेदोरुख़हैं
हुस्नएकबादाहैइश्क़एकमस्तीहै
जज़्बा-ए-इबादतकोरखजज़ासेबेगाना
वर्नाहक़-परस्तीभीइकहवस-परस्तीहै
दिलकीपाएमालीकाग़मतोकुछनहींलेकिन
ऐसीपुर-फ़ज़ाबस्तीमुश्किलोंसेबस्तीहै
दीदा-वरकोईदेखेशान-ए-पीर-ए-मय-ख़ाना
इसख़ुदीकेचेहरेसेबे-ख़ुदीबरसतीहै
हिम्मतोंकेबलउट्ठोख़ुद-रवीकेबलनिकलो
लग़्ज़िशोंकेबलचलनानंग-ए-मय-परस्तीहै
आदमीकेचेहरेपरबंदगीनहींरहती
वर्नाख़ुद-परस्तीभीइकख़ुदा-परस्तीहै
  - Baldev Raaj
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy