na us ka bhed yaari se na ayyaari se haath aaya | न उस का भेद यारी से न अय्यारी से हाथ आया

  - Bahadur Shah Zafar
उसकाभेदयारीसेअय्यारीसेहाथआया
ख़ुदाआगाहहैदिलकीख़बरदारीसेहाथआया
होंजिनकेठिकानेहोशवोमंज़िलकोक्यापहुँचे
किरस्ताहाथआयाजिसकीहुश्यारीसेहाथआया
हुआहक़मेंहमारेक्यूँँसितमगरआसमाँइतना
कोईपूछेकिज़ालिमक्यासितमगारीसेहाथआया
अगरचेमाल-ए-दुनियाहाथभीआयाहरीसोंके
तोदेखाहमनेकिसकिसज़िल्लत-ओ-ख़्वारीसेहाथआया
करज़ालिमदिल-आज़ारीजोयेदिलमंज़ूरहैलेना
किसीकादिलजोहाथआयातोदिलदारीसेहाथआया
अगरचेख़ाकसारीकीमियाकासहलनुस्ख़ाहै
व-लेकिनहाथआयाजिसकेदुश्वारीसेहाथआया
हुईहरगिज़तेरेचश्मकेबीमारकोसेह्हत
जबतकज़हरतेरेख़त्त-ए-ज़ंगारीसेहाथआया
कोईयेवहशी-ए-रम-दीदातेरेहाथआयाथा
परसय्याद-वशदिलकीगिरफ़्तारीसेहाथआया
'ज़फ़र'जोदोजहाँमेंगौहर-ए-मक़्सूदथाअपना
जनाब-ए-फ़ख़्र-ए-दींकीवोमदद-गारीसेहाथआया
  - Bahadur Shah Zafar
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