bahte paani ki nishaani aur hai | बहते पानी की निशानी और है

  - Badr Mohammadi
बहतेपानीकीनिशानीऔरहै
ठहरेदरियाकीरवानीऔरहै
रख-रखावख़ानदानीऔरहै
होकुआँगहरातोपानीऔरहै
दिनमेंलगतीरात-रानीऔरहै
उसकासचउसकीकहानीऔरहै
सींचतेहैंख़ून-ए-दिलसेहमउन्हें
ख़्वाहिशोंकीबाग़बानीऔरहै
दोदिनोंकेबा'दयेहमपरखुला
दोदिनोंकीज़िंदगानीऔरहै
जोनहींमरतीकिसीभीमौतसे
वोहयात-ए-जावेदानीऔरहै
आसमाँकोक्यूँनहींकहतेज़मीं
उसकीमिट्टीतोपुरानीऔरहै
  - Badr Mohammadi
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