hamaara azm ziyaada ki raahguzaar kam hai | हमारा अज़्म ज़ियादा कि रहगुज़र कम है

  - Badr Mohammadi
हमाराअज़्मज़ियादाकिरहगुज़रकमहै
हरएकगामपेलगताहैयेसफ़रकमहै
उजालाऔरभीकुछफैलनेदोआँगनमें
अभीशम्अबुझाओकियेसहरकमहै
जोपढ़सकोतोबहुतहैमिरीजबींकीशिकन
सुबूत-ए-ग़मकेलिएवर्नाचश्म-ए-तरकमहै
बराबरीकेलिएचाहिएकमी-बेशी
मकानऊँचाबनाओज़मींअगरकमहै
कईचराग़मुनव्वरहैंबज़्ममेंलेकिन
उन्हेंपतायेनहींरौशनीकिधरकमहै
तुम्हारीज़ुल्फ़केसाएमेंधूपबे-मा'नी
मिरेलिएतोक़यामतकीदोपहरकमहै
मिलेज़ाइक़ाकुछइतनीबे-नमकभीनहीं
हमारीबातमेंलेकिनज़राशकरकमहै
  - Badr Mohammadi
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