door ghar se kahii is tarah bhi jaaya jaa.e | दूर घर से कहीं इस तरह भी जाया जाए

  - Badr Mohammadi
दूरघरसेकहींइसतरहभीजायाजाए
देरतकधूपकीबारिशमेंनहाएाजाए
अपनीयादोंकोमिरेपासकोईछोड़गया
ग़मजुदाहोनेकाकिसतरहभुलायाजाए
सबपराएहुएहोनेसेपरायाउसके
सोचताहूँकिसेअबअपनाबनायाजाए
दिलदुखानेसेकिसीकाउन्हेंमिलतीहैख़ुशी
बातऐसीहैतोफिरमुझकोरुलायाजाए
होनेवालीहैचराग़ोंकीहुकूमतक़ाएम
रातभरकेलिएसूरजकोछुपायाजाए
ख़ामुशीदेखकेफैलीहुईआबादीमें
येपरिंदोंनेकहाशोरमचायाजाए
मिलकेजीनेकेलिएलोगहुएहैंयकजा
ज़ीस्तकाबोझहैतन्हाउठायाजाए
  - Badr Mohammadi
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