nigaah-e-dil se bataa jism ki zubaan se nahin | निगाह-ए-दिल से बता जिस्म की ज़ुबाँ से नहीं

  - Azhar Faragh
निगाह-ए-दिलसेबताजिस्मकीज़ुबाँसेनहीं
कहाँकहाँसेतूहमाराहैकहाँसेनहीं
मैंअपनीतेज़ी-ए-रफ़्तारकानिशानाबना
येतीरहाथसेमुझकोलगाकमाँसेनहीं
तोक्याबसइतनातुम्हेंएतिबारहैहमपर
फ़लाँफ़लाँसेरखोराब्ताफ़लाँसेनहीं
हमअपनेसेहनसेनिकलेहुएशजरहैं'फ़राग'
गलीसेयादकिएजाएँगेमकाँसेनहीं
  - Azhar Faragh
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy