bhanwar se ye jo mujhe baadbaan kheenchta hai | भँवर से ये जो मुझे बादबान खींचता है

  - Azhar Faragh
भँवरसेयेजोमुझेबादबानखींचताहै
ज़रूरकोईहवाओंकेकानखींचताहै
किसीबदनकीसियाहतनिढालकरतीहै
किसीकेहाथकातकियाथकानखींचताहै
नशिस्तकेतोतलबगारहीनहींहमलोग
हमारेपाँवसेक्यूँँपाएदानखींचताहै
दिखारहाहैख़रीदारबनकेआजमुझे
जिसेलपेटकेरक्खूँवोथानखींचताहै
चराग़ोंमेंवोचराग़इसलिएनुमायाँहै
हमऐसेदेखनेवालोंकाध्यानखींचताहै
येसाराझगड़ातिरेइंहिमाककाहीतोहै
समेटताहैकोईदास्तानखींचताहै
  - Azhar Faragh
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