jab talak bhi rahe ravaani men | जब तलक भी रहे रवानी में

  - Asif Kaifi
जबतलकभीरहेरवानीमें
हमनेरस्तेबनाएपानीमें
बूढ़ीआँखोंमेंख़ौफ़पसराहै
क्याखताऐंहुईजवानीमें
मेराकिरदारमरनहींसकता
क़ेसहूँइश्क़कीकहानीमें
तुमनेफूलोंमेंनफ़रतेंभरदीं
चंदलम्होंकीबाग़बानीमें
येमिराख़्वाबसचहोजाए
शोलेदेखेभड़कतेपानीमें
  - Asif Kaifi
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