kitnii saakit thii bahut khaamosh lagti thii nadi | कितनी साकित थी बहुत ख़ामोश लगती थी नदी

  - Asif Kaifi
कितनीसाकितथीबहुतख़ामोशलगतीथीनदी
पासजाकरमैंनेजानाकितनीगहरीथीनदी
शहरसजबलौटताथाअपनीमिट्टीकीतरफ़
मेरेगाँवकेसड़ककेसाथचलतीथीनदी
एकदिनयेहैमुयस्सरचंदक़तरेतकनहीं
एकदिनवोथेमेरीबस्तीमेंबहतीथीनदी
  - Asif Kaifi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy