hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Nishant Singh
udaas chehre pe ik nayi udaasi chha gaii
udaas chehre pe ik nayi udaasi chha gaii | उदास चेहरे पे इक नई उदासी छा गई
- Nishant Singh
उदास
चेहरे
पे
इक
नई
उदासी
छा
गई
पहरस
पहले
बाद-ए-सबा
हमें
जगा
गई
अजब
नहीं
जो
लांछनों
से
मैं
बरी
न
हो
सकूँ
सफ़ाई
देने
के
समय
ही
मुझ
को
नींद
आ
गई
- Nishant Singh
Download Sher Image
बाग़बाँ
हम
तो
इस
ख़याल
के
हैं
देख
लो
फूल
फूल
तोड़ो
मत
Jaun Elia
Send
Download Image
81 Likes
कैसे
किसी
की
याद
हमें
ज़िंदा
रखती
है
एक
ख़याल
सहारा
कैसे
हो
सकता
है
Jawwad Sheikh
Send
Download Image
59 Likes
रो
रही
हूँ
कि
तुम
दिख
न
पाए
कहीं
हाए
ये
ख़्वाब
सिंदूर
है
माँग
में
Neeraj Neer
Send
Download Image
21 Likes
मैं
चाहता
यही
था
सब
चाह
ख़त्म
हो
अब
फिर
चाहकर
तुम्हें
बदला
ये
ख़याल
मेरा
Abhay Aadiv
Send
Download Image
2 Likes
नींद
के
दायरे
में
हाज़िर
हूँ
ख़्वाब
के
रास्ते
में
हाज़िर
हूँ
याद
है
इश्क़
था
कभी
मुझ
सेे
मैं
उसी
सिलसिले
में
हाज़िर
हूँ
Read Full
Ejaz Tawakkal Khan
Send
Download Image
17 Likes
इक
कली
की
पलकों
पर
सर्द
धूप
ठहरी
थी
इश्क़
का
महीना
था
हुस्न
की
दुपहरी
थी
ख़्वाब
याद
आते
हैं
और
फिर
डराते
हैं
जागना
बताता
है
नींद
कितनी
गहरी
थी
Read Full
Vikram Gaur Vairagi
Send
Download Image
64 Likes
सफ़र
के
बाद
भी
ज़ौक़-ए-सफ़र
न
रह
जाए
ख़याल
ओ
ख़्वाब
में
अब
के
भी
घर
न
रह
जाए
Abhishek shukla
Send
Download Image
22 Likes
हम
हार
गए
तुम
जीत
गए
हम
ने
खोया
तुम
ने
पाया
इन
छोटी
छोटी
बातों
का
हम
कोई
ख़याल
नहीं
करते
Wali Aasi
Send
Download Image
40 Likes
जब
यार
ने
उठा
कर
ज़ुल्फ़ों
के
बाल
बाँधे
तब
मैं
ने
अपने
दिल
में
लाखों
ख़याल
बाँधे
Mohammad Rafi Sauda
Send
Download Image
40 Likes
हमको
हमारी
नींद
भी
वापस
नहीं
मिली
लोगों
को
उनके
ख़्वाब
जगा
कर
दिए
गए
Imran Aami
Send
Download Image
61 Likes
Read More
सिर्फ़
इतनी
सी
गुंजाइश
है
वस्ल
दिखने
की
जैसे
इत्तिफ़ाक़न
बारिश
में
धूप
दिख
जाए
Nishant Singh
Send
Download Image
0 Likes
यक़ीन
हो
रहा
था
सब
को
मुझ
पे
रफ़्ता-रफ़्ता
पर
किसी
ने
मुझ
सेे
भी
ज़ियादा
ही
दिखावा
कर
दिया
Nishant Singh
Send
Download Image
1 Like
दिल
डरा
ही
देने
वाले
जैसे
दहशत
के
मनाज़िर
देखता
हूँ
मैं
ये
कैसे
कैसे
क़ुदरत
के
मनाज़िर
कर
नहीं
सकती
मुतासिर
तुझ
को
मेरी
शा'इरी
ये
तूने
देखे
ही
नहीं
हैं
एक
ख़ल्वत
के
मनाज़िर
Read Full
Nishant Singh
Send
Download Image
0 Likes
बारहा
ये
हकलाहट
थोड़ा
ध्यान
से
सुन
लो
हो
सके
तो
दिल
तुम
सेे
कुछ
भी
कह
नहीं
पाए
Nishant Singh
Send
Download Image
0 Likes
इक
ज़रा
सी
बात
को
बढ़ा
चढ़ा
बता
दिया
दुख
नहीं
था
उतना
जितना
हमने
ये
दिखा
दिया
खल
रही
थी
धुन
उसे
सो
सांस
अपनी
रोक
ली
नद
ने
सूख
कर
मुसाफ़िरों
को
रास्ता
दिया
मुझ
को
सर्दियों
से
था
बचाने
में
लगा
हुआ
मैंने
फूंक
मार
कर
अलाव
जो
बुझा
दिया
मेरे
मरने
पे
ठहरने
की
जगह
निकल
गई
गीली
उस
ज़मीं
को
मेरी
राख
ने
सुखा
दिया
Read Full
Nishant Singh
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Sorry Shayari
Peace Shayari
Dariya Shayari
Samundar Shayari
Violence Shayari