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anupam shah
mohabbat men izaafa ho raha hai
mohabbat men izaafa ho raha hai | मोहब्बत में इज़ाफ़ा हो रहा है
- anupam shah
मोहब्बत
में
इज़ाफ़ा
हो
रहा
है
मगर
ख़र्चा
ज़ियादा
हो
रहा
है
- anupam shah
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ये
तू
जो
मोहब्बत
में
सिला
माँग
रहा
है
ऐ
शख़्स
तू
अंदर
से
भिकारी
तो
नहीं
है
Ali Zaryoun
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ज़िंदगी
किस
तरह
बसर
होगी
दिल
नहीं
लग
रहा
मोहब्बत
में
Jaun Elia
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कभी
ये
भी
नहीं
पूछा
है
गर्दन
पे
निशाँ
कैसा
हमें
अंधी
मोहब्बत
थी
हमें
अंधा
भरोसा
था
Shayra kirti
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कहीं
पड़े
न
मोहब्बत
की
मार
होली
में
अदास
प्रेम
करो
दिल
से
प्यार
होली
में
Nazeer Banarasi
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मोहब्बत
अपनी
क़िस्मत
में
नहीं
है
इबादत
से
गुज़ारा
कर
रहे
है
Fahmi Badayuni
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देख
मोहब्बत
का
दस्तूर
तू
मुझ
से
मैं
तुझ
से
दूर
कोशिश
लाज़िम
है
प्यारे
आगे
जो
उसको
मंज़ूर
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Nasir Kazmi
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सुबूत
है
ये
मोहब्बत
की
सादा-लौही
का
जब
उस
ने
वा'दा
किया
हम
ने
ए'तिबार
किया
Josh Malihabadi
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दिल
जिसका
मोहब्बत
में
गिरफ़्तार
रहा
है
वो
मेरी
मदद
के
लिए
तैयार
रहा
है
आग़ाज़-ए-मोहब्बत
का
फ़साना
भी
था
दिलचस्प
बर्बादी
का
क़िस्सा
भी
मज़ेदार
रहा
है
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Obaid Azam Azmi
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तुम्हारा
नाम
लिया
था
कभी
मोहब्बत
से
मिठास
उस
की
अभी
तक
मेरी
ज़बान
में
है
Abbas Dana
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मुहब्बत
रास
आ
जाए
हमें
ये
सोचकर
हम
ने
जिसे
भी
चाहा
है
पहली
मुहब्बत
की
तरह
चाहा
Prashant Rao chourase
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बिछड़कर
आपसे
मैं
क्या
करूँँगा
करूँँगा
जो
भी
मैं
अच्छा
करूँँगा
मोहब्बत
दूसरी
हो
तुम
मिरी
पर
मैं
तुम
सेे
इश्क़
पहला
सा
करूँँगा
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anupam shah
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तेरे
होने
का
ये
असर
आया
याद
मुझको
तू
उम्र
भर
आया
तुझको
मंज़िल
बना
के
चलता
था
मेरे
हिस्से
में
बस
सफ़र
आया
जो
भी
छूटा
है
राह
में
मुझ
सेे
लौटकर
फिर
नहीं
वो
घर
आया
दर्द
हद
से
गुज़र
गया
मेरा
जब
भी
तेरा
कभी
शहर
आया
आइना
साफ़
कर
रहा
था
मैं
मेरा
दुश्मन
मुझे
नज़र
आया
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anupam shah
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हसीं
कुछ
ख़्वाब
आँखों
को
कभी
सस्ते
नहीं
मिलते
कभी
मंज़िल
नहीं
मिलती
कभी
रस्ते
नहीं
मिलते
anupam shah
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तुम्हारी
उँगलियों
पर
यार
ये
पत्थर
नहीं
जँचते
मिरी
मानो
किसी
'आशिक़
को
उँगली
पर
नचाओ
तुम
anupam shah
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अभी
बरसों
लगेंगे
तुम
सेे
होने
में
जुदा
मुझको
अभी
तक
आहटों
पे
चौंकने
का
काम
जारी
है
anupam shah
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