tere hone ka ye asar aaya | तेरे होने का ये असर आया

  - anupam shah
तेरेहोनेकायेअसरआया
यादमुझकोतूउम्रभरआया
तुझकोमंज़िलबनाकेचलताथा
मेरेहिस्सेमेंबससफ़रआया
जोभीछूटाहैराहमेंमुझसेे
लौटकरफिरनहींवोघरआया
दर्दहदसेगुज़रगयामेरा
जबभीतेराकभीशहरआया
आइनासाफ़कररहाथामैं
मेरादुश्मनमुझेनज़रआया
  - anupam shah
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