hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
anupam shah
adhuri baat ka matlab banaakar
adhuri baat ka matlab banaakar | अधूरी बात का मतलब बनाकर
- anupam shah
अधूरी
बात
का
मतलब
बनाकर
वो
झगड़ा
भी
मुझी
को
सब
बनाकर
उसे
फिर
बारहा
यूँँ
चूमता
था
मैं
काग़ज़
पर
तिरे
दो
लब
बनाकर
ज़माने
भर
से
हम
तो
लड़
गए
थे
तुम्हारी
बात
को
मज़हब
बनाकर
मिरा
क्या
है
मैं
बातों
का
धनी
हूँ
कि
जब
चाहो
कहूंगा
तब
बनाकर
ये
मैने
क्या
किया
है
ज़िन्दगी
का
सबा
को
जी
गया
हूँ
शब
बनाकर
- anupam shah
Download Ghazal Image
वो
किसी
के
साथ
ख़ुश
था
कितने
दुख
की
बात
थी
अब
मेरे
पहलू
में
आ
कर
रो
रहा
है
ख़ुश
हूँ
मैं
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
101 Likes
ज़रा
सा
झूठ
ही
कह
दो
मेरे
बिन
तुम
अधूरे
हो
तुम्हारा
क्या
बिगड़ता
है
ज़रा
सी
बात
कहने
में
Parveen Shakir
Send
Download Image
34 Likes
छोटी
सी
बात
पे
ख़ुश
होना
मुझे
आता
था
पर
बड़ी
बात
पे
चुप
रहना
तुम्ही
से
सीखा
Zehra Nigaah
Send
Download Image
31 Likes
बात
ऐसी
भी
भला
आप
में
क्या
रक्खी
है
इक
दिवाने
ने
ज़मीं
सर
पे
उठा
रक्खी
है
इत्तिफ़ाक़न
कहीं
मिल
जाए
तो
कहना
उस
सेे
तेरे
शाइर
ने
बड़ी
धूम
मचा
रक्खी
है
Read Full
Ismail Raaz
Send
Download Image
63 Likes
मुझे
इक
बात
कहनी
थी
अगर
मुझ
को
इज़ाज़त
हो
तुम्हीं
मेरी
मुहब्बत
हो
मुहब्बत
हो
मुहब्बत
हो
Shadab Asghar
Send
Download Image
4 Likes
है
कुछ
ऐसी
ही
बात
जो
चुप
हूँ
वर्ना
क्या
बात
कर
नहीं
आती
Mirza Ghalib
Send
Download Image
32 Likes
प्यार
मुहब्बत
बाद
की
बातें
जान
कभी
ये
सोचा
है
किसने
तेरा
साथ
दिया
था
कौन
नशे
में
ख़त्म
हुआ
Vikram Gaur Vairagi
Send
Download Image
43 Likes
बात
उल्टी
वो
समझते
हैं
जो
कुछ
कहता
हूँ
अब
के
पूछा
तो
ये
कह
दूँगा
कि
हाल
अच्छा
है
Jaleel Manikpuri
Send
Download Image
34 Likes
उसे
किसी
से
मोहब्बत
थी
और
वो
मैं
नहीं
था
ये
बात
मुझ
सेे
ज़ियादा
उसे
रुलाती
थी
Ali Zaryoun
Send
Download Image
360 Likes
वक़्त,
वफ़ा,
हक़,
आँसू,
शिकवे
जाने
क्या
क्या
माँग
रहे
थे
एक
सहूलत
के
रिश्ते
से
हम
ही
ज़्यादा
माँग
रहे
थे
उसकी
आँखें
उसकी
बातें
उसके
लब
वो
चेहरा
उसका
हम
उसकी
हर
एक
अदास
अपना
हिस्सा
माँग
रहे
थे
Read Full
Shikha Pachouly
Send
Download Image
37 Likes
Read More
कहाँ
इक
दौर
था
मिलकर
तुम्हें
सब
भूल
जाते
थे
अभी
इक
दौर
है
भूलें
तुम्हें
तो
और
कुछ
देखें
anupam shah
Send
Download Image
3 Likes
आप
जो
हैं
हसीं
तो
अच्छा
है
कौन
सा
मेरे
काम
आएंँगे
anupam shah
Send
Download Image
2 Likes
तुम्हारे
वासते
जो
अब
नहीं
क़ाबिल
रहा
हूँ
मैं
उन्हें
पूछो
ज़रा
जिनके
लिए
मुश्किल
रहा
हूँ
मैं
भटकता
फिर
रहा
हूँ
बाद
तेरे
इस
तरह
से
मैं
कभी
दरया
कभी
कश्ती
कभी
साहिल
रहा
हूँ
मैं
Read Full
anupam shah
Send
Download Image
4 Likes
किसे
इतनी
कहानी
चाहिए
थी
मुहब्बत
जावेदानी
चाहिए
थी
वही
इक
बात
कर
देगी
परेशाँ
वही
जो
भूल
जानी
चाहिए
थी
उसे
आख़िर
में
बस
शिकवे
दिखे
थे
मुहब्बत
याद
आनी
चाहिए
थी
Read Full
anupam shah
Download Image
3 Likes
इश्क़
का
ज़ख़्म
ताज़ा
हरा
कर
लिया
एक
इल्ज़ाम
था
हमने
जो
सर
लिया
हमने
सोचा
नहीं
इश्क़
में
फिर
नफ़ा
राह
में
जो
मिला
बाँह
में
भर
लिया
आप
पिघले
नहीं
देखकर
अश्क़
ये
एक
पत्थर
को
हमने
सनम
कर
लिया
Read Full
anupam shah
Download Image
3 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Crime Shayari
Badan Shayari
Charagh Shayari
Ijazat Shayari
Teacher Shayari