dil ye samjho ki khoya to pal-bhar men tha | दिल ये समझो कि खोया तो पल-भर में था

  - Ankit Dixit
दिलयेसमझोकिखोयातोपल-भरमेंथा
परवोलम्हातोसालोंसेमंज़रमेंथा
एकदरियानेछोड़ाथातन्हाजिसे
अबवोकतराकहींइकसमुंदरमेंथा
मैंनहींकहरहाउसकापत्थरहैंदिल
परयेमुमकिनहैंदिलउसकापत्थरमेंथा
जिसकेख़ातिरहीसूरजजलाउम्र-भर
चाँदवोरातकेबसमुकद्दरमेंथा
साथउसकेकहींमैंपहाडोंमेंहूँ
नींदटूटीतोदेखाकिबिस्तरमेंथा
मैंतोमरताहुआभीदु'आदेगया
ख़ूनदेखाजोउसकेहीख़ंजरमेंथा
  - Ankit Dixit
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