chaand jab meri hatheli pe hua karta tha | चाँद जब मेरी हथेली पे हुआ करता था

  - Ankit Dixit
चाँदजबमेरीहथेलीपेहुआकरताथा
मैंसितारोंकेसमुंदरमेंरहाकरताथा
चाँदनीअब्रसेछिपतीहुईशरमातीथी
हुस्नचिलमनसेरिहाईकीदु'आकरताथा
हाल-ए-दिललिखकेछुपातेथेचुरातेसबसेे
मेरादिलएकलिफ़ाफ़ेमेंबसाकरताथा
उसकीहरचालसेपहलेहीमैंवाक़िफ़होकर
उसकीहरचालमेंपैहमहीफँसाकरताथा
हिज्रकीबातथीयातीरचलायाउसने
ज़ख़्मबनकेमेरेसीनेमेंदुखाकरताथा
हरमोहब्बतकीकहानीसेयहीसीखमिली
जानसेहाथगँवाताजोवफ़ाकरताथा
  - Ankit Dixit
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