zamaane se juda hokar ke KHud se aashiqi achchhii lagii | ज़माने से जुदा होकर के ख़ुद से आशिक़ी अच्छी लगी

  - Ankit Dixit
ज़मानेसेजुदाहोकरकेख़ुदसेआशिक़ीअच्छीलगी
मुझेतोग़ममेंतेरेजान-ए-जाँयेज़िंदगीअच्छीलगी
गुज़िश्तासालअपनीबेबसीपरहँसतेथेहैरानथे
हुआइकरोज़फिरऐसामुझेअपनीहँसीअच्छीलगी
भरोसाबारहातुमपरकियाअपनासभीकुछवारकर
सितमऐसेमिलेतुमसेेकिदिलकोखुद-कुशीअच्छीलगी
हमारेमहफ़िलोंकेआदतनतुमआनथेतुमशानथे
तुम्हारेमहफ़िलोंमेंसिर्फ़मेरीहीकमीअच्छीलगी
लहूकेघुटपीकरतेगएहमयूँँतोहाल-ए-दिलबयाँ
ख़ुशीकीबातहैंतुमकोहमारीशा'इरीअच्छीलगी
  - Ankit Dixit
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