raaton ko uth-uth ke rona band karo | रातों को उठ-उठ के रोना बंद करो

  - Ankit Dixit
रातोंकोउठ-उठकेरोनाबंदकरो
आशिक़हो,दीवानेहोनाबंदकरो
सचकहताहूँरातेंअच्छीगुज़रेंगी
तुमभीउसकोसोचकेसोनाबंदकरो
टूटेघरमेंकोईआनाचाहेगा
इसदिलकाअबकोना-कोनाबंदकरो
बीतचुकीजोउसकोसोचेजातेहो
आजकेइसलम्हेकोखोनाबंदकरो
हाल-ए-दिललोगोंकोअपनाबतलाके
सबकेदिलमेंकांटेबोनाबंदकरो
'अर्ज़'तुम्हेंजिनलोगोंनेठुकरायाहै
तुमभीउनलोगोंकाहोनाबंदकरो
  - Ankit Dixit
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