मुझपेहरज़ुल्मरवारखकिमैंजोहूँसोहूँ
मुझकोअपनेसेजुदारखकिमैंजोहूँसोहूँ
मैंकिमस्लूबहूँदेमुझकोभीज़ालिमकाख़िताब
सुन्नत-ए-ईसाजिलारखकिमैंजोहूँसोहूँ
मेरेघरमेंहैजोग़ासिबतोनिकालूँकिनहीं
मुझपेइल्ज़ाम-ए-जफ़ारखकिमैंजोहूँसोहूँ
तेरेमक़्तूलपेसरगर्महैंसारेमुंसिफ़
मेरीलाशोंकोउठारखकिमैंजोहूँसोहूँ
गर्मआहोंपेहैइल्ज़ामकिहूँशो'ला-नफ़स
मुझकोफूँकोंसेबुझारखकिमैंजोहूँसोहूँ
क्यूँँसहीफ़ोंमेंलिखाहैकिमिलेगाइंसाफ़
लफ़्ज़-ओ-मानीनजुदारखकिमैंजोहूँसोहूँ
तेरीज़म्बीलमेंहरचालपुरानीहैरक़ीब
मुझकोअपनोंसेलड़ारखकिमैंजोहूँसोहूँ
अपनेविर्सेसेतिराक़ब्ज़ाहटानाहैहरीस
नामदहशतकिबलारखकिमैंजोहूँसोहूँ
मैंनेआँखोंमेंजलारखाहैआज़ादीकातेल
मतअँधेरोंसेडरारखकिमैंजोहूँसोहूँ
गरमिराहक़नमिलेगातोबिगड़जाएगीबात
अपनेपहलूसेलगारखकिमैंजोहूँसोहूँ
कर्बलारखकेहथेलीपेचलाहूँघरसे
बैअ'त-ए-ज़ुल्महटारखकिमैंजोहूँसोहूँ
जबज़मीनोंमेंजड़ेंहैंतोकिधरजाऊँगा
मेरीशाख़ेंनकटारखकिमैंजोहूँसोहूँ
अद्लकीमिट्टीमेंउगतेनहींदहशतकेबबूल
अपनीमिट्टीकोसफ़ारखकिमैंजोहूँसोहूँ
बंदआँखोंसेसियह-रूनज़रआएगा'अनीस'
चश्म-ए-बीनाकोखुलारखकिमैंजोहूँसोहूँ