jahaan dar tha vahaañ deewaar kyun hai | जहाँ दर था वहाँ दीवार क्यूँँ है

  - Anees Ansari
जहाँदरथावहाँदीवारक्यूँँहै
अलगनक़्शेसेयेमें'मारक्यूँँहै
ख़ुदाआज़ादथाहाकिमकीहदसे
ख़ुदाकेशहरमेंसरकारक्यूँँहै
बहुतआसानहैमिल-जुलकेबहना
नदीऔरधारमेंपैकारक्यूँँहै
हज़ारोंरंगकेफूलोंसेखिंचकर
बनाहैशहदतोबेकारक्यूँँहै
किसीभीसम्तसेकरपरिंदे
सजाएँझीलतोआज़ारक्यूँँहै
तिरीमहफ़िलमेंसबबैठेहैंकर
हमाराबैठनादुश्वारक्यूँँहै
बनाकररखतूघरअच्छारहेगा
तूमालिकबनकिराए-दारक्यूँँहै
तुम्हारेसाथहमआगेबढ़ेथे
हमारीपीठपरतलवारक्यूँँहै
ख़ुदासक्यारक़ाबतहैसनमकी
रह-ए-मस्जिदनज़रमेंख़ारक्यूँँहै
इबारतमेंकरतहरीफ़बेजा
हमारेनामसेबेज़ारक्यूँँहै
परिंदेकोजोमौक़ादोदिखादे
बंधेपरकासफ़रलाचारक्यूँँहै
पड़ोसीहोतोफलयाफूललाते
तुम्हारेहाथमेंहथियारक्यूँँहै
ज़मींफैलीहुईहैआसमाँतक
बसइकटुकड़ेपेयूँँतकरारक्यूँँहै
  - Anees Ansari
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