duniya hai ye kisi ka na is men qusoor tha | दुनिया है ये किसी का न इस में क़ुसूर था

  - Anand Narayan Mulla
दुनियाहैयेकिसीकाइसमेंक़ुसूरथा
दोदोस्तोंकामिलकेबिछड़नाज़रूरथा
उसकेकरमपेशकतुझेज़ाहिदज़रूरथा
वर्नातिराक़ुसूरकरनाक़ुसूरथा
तुमदूरजबतलकथेतोनग़्माभीथाफ़ुग़ाँ
तुमपासगएतोअलमभीसुरूरथा
उसइकनज़रकेबज़्ममेंक़िस्सेबनेहज़ार
उतनासमझसकाजिसेजितनाशुऊरथा
इकदर्सथीकिसीकीयेफ़नकारी-ए-निगाह
कोईज़दमेंथाकोईज़दसेदूरथा
बसदेखनेहीमेंथींनिगाहेंकिसीकीतल्ख़
शीरींसाइकपयामभीबैनस्सुतूरथा
पीतेतोहमनेशैख़कोदेखानहींमगर
निकलाजोमय-कदेसेतोचेहरेपेनूरथा
'मुल्ला'कामस्जिदोंमेंतोहमनेसुनानाम
ज़िक्रउसकामय-कदोंमेंमगरदूरदूरथा
  - Anand Narayan Mulla
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