आरज़ूकोदिलहीदिलमेंघुटकेरहनाआगया
औरवोयेसमझेकिमुझकोरंजसहनाआगया
पोंछताकोईनहींअबमुझसेमेराहाल-ए-दिल
शायदअपनाहाल-ए-दिलअबमुझकोकहनाआगया
सबकीसुनताजारहाहूँऔरकुछकहतानहीं
वोज़बाँहूँअबजिसेदाँतोंमेंरहनाआगया
ज़िंदगीसेक्यालड़ेंजबकोईभीअपनानहीं
होकेशलधारेकेरुख़परहमकोबहनाआगया
लाखपर्देइज़्तिराब-ए-शौक़परडालेमगर
फिरवोइकमचलाहुआआँसूबरहनाआगया
तुझकोअपनाहीलियाआख़िरनिगार-ए-इश्क़ने
ऐउरूस-ए-चश्मलेमोतीकागहनाआगया
पीकेआँसूसीकेलबबैठाहूँयूँँइसबज़्ममें
दर-हक़ीक़तजैसेमुझकोरंजसहनाआगया
एकना-शुकरेचमनकोरंग-ओ-बूदेतारहा
आगयाहाँआगयाकाँटोंमेंरहनाआगया
लबपेनग़्माऔररुख़परइकतबस्सुमकीनक़ाब
अपनेदिलकादर्दअब'मुल्ला'कोकहनाआगया