hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Daqiiq Jabaali
kyuuñ chhodkar gaya tu mujhe aise haal men
kyuuñ chhodkar gaya tu mujhe aise haal men | क्यूँ छोड़कर गया तू मुझे ऐसे हाल में
- Daqiiq Jabaali
क्यूँ
छोड़कर
गया
तू
मुझे
ऐसे
हाल
में
क्या
एक
बार
भी
तुझे
ग़ैरत
नहीं
हुई
- Daqiiq Jabaali
Download Sher Image
मोहब्बत
नेक-ओ-बद
को
सोचने
दे
ग़ैर-मुमकिन
है
बढ़ी
जब
बे-ख़ुदी
फिर
कौन
डरता
है
गुनाहों
से
Arzoo Lakhnavi
Send
Download Image
24 Likes
बहुत
ग़ुरूर
है
दरिया
को
अपने
होने
पर
जो
मेरी
प्यास
से
उलझे
तो
धज्जियाँ
उड़
जाएँ
Rahat Indori
Send
Download Image
47 Likes
अना
को
अपनी
समझाना
पड़ेगा
बुलाती
है,
तो
फिर
जाना
पड़ेगा
Salman Zafar
Send
Download Image
29 Likes
लड़
सको
दुनिया
से
जज़्बों
में
वो
शिद्दत
चाहिए
इश्क़
करने
के
लिए
इतनी
तो
हिम्मत
चाहिए
कम
से
कम
मैंने
छुपा
ली
देख
कर
सिगरेट
तुम्हें
और
इस
लड़के
से
तुमको
कितनी
इज़्ज़त
चाहिए
Read Full
Nadeem Shaad
Send
Download Image
82 Likes
निगल
ही
चुका
था
जफ़ा
का
निवाला
अना
फिर
तमाशा
नया
कर
रही
है
Amaan Pathan
Send
Download Image
5 Likes
कम
अज़
कम
इक
ज़माना
चाहता
हूँ
कि
तुम
को
भूल
जाना
चाहता
हूँ
ख़ुदारा
मुझ
को
तन्हा
छोड़
दीजे
मैं
खुल
कर
मुस्कुराना
चाहता
हूँ
सरासर
आप
हूँ
मद्दे
मुक़ाबिल
ख़ुदी
ख़ुद
को
हराना
चाहता
हूँ
मेरे
हक़
में
उरूस-ए-शब
है
मक़्तल
सो
उस
से
लब
मिलाना
चाहता
हूँ
ये
आलम
है,
कि
अपने
ही
लहू
में
सरासर
डूब
जाना
चाहता
हूँ
सुना
है
तोड़ते
हो
दिल
सभों
का
सो
तुम
से
दिल
लगाना
चाहता
हूँ
उसी
बज़्म-ए-तरब
की
आरज़ू
है
वही
मंज़र
पुराना
चाहता
हूँ
नज़र
से
तीर
फैंको
हो,
सो
मैं
भी
जिगर
पर
तीर
खाना
चाहता
हूँ
चराग़ों
को
पयाम-ए-ख़ामुशी
दे
तेरे
नज़दीक
आना
चाहता
हूँ
Read Full
Kazim Rizvi
Send
Download Image
6 Likes
उधारी
सर
से
ऊपर
बढ़
चुकी
है
हमारी
जान
जोखिम
में
पड़ी
है
हमीं
अपमान
सहकर
जी
रहे
हैं
अना
की
लाश
पंखे
पर
मिली
है
Read Full
Vikas Sahaj
Send
Download Image
8 Likes
ज़ख़्म
की
इज़्ज़त
करते
हैं
देर
से
पट्टी
खोलेंगे
चेहरा
पढ़ने
वाले
चोर
गठरी
थोड़ी
खोलेंगे
Read Full
Khurram Afaq
Send
Download Image
29 Likes
हर
किसी
से
ही
मुहब्बत
माँगता
है
दिल
तो
अब
सब
सेे
अक़ीदत
माँगता
है
सीख
आया
है
सलीक़ा
ग़ुफ़्तगू
का
मुझ
सेे
मेरा
दोस्त
इज़्ज़त
माँगता
है
Read Full
Send
Download Image
2 Likes
ख़िलाफ़-ए-शर्त-ए-अना
था
वो
ख़्वाब
में
भी
मिले
मैं
नींद
नींद
को
तरसा
मगर
नहीं
सोया
ख़िलाफ़-ए-मौसम-ए-दिल
था
कि
थम
गई
बारिश
ख़िलाफ़-ए-ग़ुर्बत-ए-ग़म
है
कि
मैं
नहीं
रोया
Read Full
Khalil Ur Rehman Qamar
Send
Download Image
50 Likes
Read More
कितना
खूंखार
है
कितना
मासूम
है
उसके
बारे
में
सब
हमको
मालूम
है
Daqiiq Jabaali
Send
Download Image
1 Like
ये
भी
तो
जीवन
की
इक
सच्चाई
है
माँ
के
आँसू
बस
माँ
ने
ही
देखे
हैं
Daqiiq Jabaali
Send
Download Image
2 Likes
मुझको
जिन
जिन
लम्हों
में
तेरी
ज़रूरत
थी
ना
दोस्त
हाँ
उन्हीं
लम्हों
में
तुम
ने
तन्हा
छोड़ा
था
मुझे
Daqiiq Jabaali
Send
Download Image
0 Likes
सारे
दर्दों
से
किनारा
कर
रहे
हैं
शा'इरी
करके
गुज़ारा
कर
रहे
हैं
लोगों
ने
पूछा
पता
इक
बे-वफ़ा
का
हम
तेरी
जानिब
इशारा
कर
रहे
हैं
Read Full
Daqiiq Jabaali
Send
Download Image
0 Likes
प्यार
करने
से
डर
रहा
था
मैं
हाँ
बड़ी
ग़लती
कर
रहा
था
मैं
तुमने
आकर
बचा
लिया
मुझको
वरना
हर
रोज़
मर
रहा
था
मैं
Read Full
Daqiiq Jabaali
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Mehndi Shayari
Hijrat Shayari
Partition Shayari
Raat Shayari
Gareebi Shayari